नवरात्रि के तीसरे दिन का महत्व: माँ चंद्रघंटा
नवरात्रि हिंदू धर्म में देवी माँ के नौ रूपों की पूजा का पर्व है। नवरात्रि के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि माँ चंद्रघंटा शौर्य, साहस और समृद्धि की देवी मानी जाती हैं। इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे तीसरे दिन की तिथि, पूजा विधि, रंग, और विशेष मंत्र। साथ ही आप अपनी राशि अनुसार भविष्यवाणी और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के लिए Duastro Astrology की फ्री कुंडली सेवा का लाभ ले सकते हैं।
माँ चंद्रघंटा का परिचय
माँ चंद्रघंटा नवरात्रि की तीसरी देवी हैं। उनका नाम चंद्र और घंटा से लिया गया है। उनके माथे पर चमकती चांद जैसी घण्टी होती है। यह देवी डर और नकारात्मकता को दूर करने वाली मानी जाती हैं। माँ चंद्रघंटा की पूजा से भय, शत्रुता और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।
नवरात्रि दिवस 3: तिथि और समय
तीसरे दिन की तिथि नवरात्रि पंचांग अनुसार तय होती है। यह दिन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है। आमतौर पर नवरात्रि चैत्र या अश्विन मास में होती है। सही तिथि और समय का ध्यान रखना पूजा में विशेष महत्व रखता है।
तीसरे दिन का रंग
नवरात्रि में प्रत्येक दिन का एक विशेष रंग निर्धारित होता है। तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा में आकाशी या आसमानी रंग पहनना शुभ माना जाता है। यह रंग मानसिक शांति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है।
माँ चंद्रघंटा की पूजा विधि
- सबसे पहले पूजा स्थल को साफ करें और वहां माता की तस्वीर या मूर्ति रखें।
- गंगा जल, दूर्वा, हल्दी और फूल से माता का अभिषेक करें।
- दीपक जलाएं और लाल या आकाशी रंग के फूल अर्पित करें।
- माँ चंद्रघंटा के विशेष मंत्र का जाप करें: "ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः"
- पूजा के बाद प्रसाद और फल वितरित करें।
तीसरे दिन की विशेषताएँ
माँ चंद्रघंटा साहस, शक्ति और समृद्धि की देवी हैं। इस दिन की पूजा करने से मानसिक संतुलन, डर और नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है। साथ ही पारिवारिक सौहार्द और धन में वृद्धि होती है।
Duastro Astrology के साथ नवरात्रि भविष्यवाणी
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- धन, स्वास्थ्य और परिवार में लाभ के उपाय
- नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा और मंत्र का व्यक्तिगत मार्गदर्शन
निष्कर्ष
नवरात्रि का तीसरा दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आकाशी रंग पहनना, तिथि और समय का ध्यान रखना, तथा सही मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। माँ चंद्रघंटा की पूजा से डर, शत्रुता और नकारात्मकता दूर होती है और साहस व समृद्धि आती है। अपनी राशि अनुसार व्यक्तिगत मार्गदर्शन और भविष्यवाणी के लिए Duastro Astrology की फ्री कुंडली सेवा का उपयोग करें। इससे आप नवरात्रि के तीसरे दिन की पूरी ऊर्जा का लाभ उठा सकते हैं।