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सबसे ज्यादा पजेसिव राशियाँ – जानिए कौन सी राशियाँ प्यार में रखती हैं सबसे ज्यादा अधिकार

सबसे ज्यादा पजेसिव राशियाँ – जानिए कौन सी राशियाँ प्यार में रखती हैं सबसे ज्यादा अधिकार

✏️ Written by PhD. Meera Desai · Experience: 15 years · ★★★★★
Channeling planetary energy for holistic healing with Reiki.

राशियों का अधिकार भाव: रिश्तों में स्वामित्व और प्रेम की गहराई को समझें

प्रेम में अधिकार (Possessiveness) एक ऐसी भावना है जो प्रेम की गहराई को दर्शाती है, लेकिन कभी-कभी यह रिश्तों में तनाव का कारण भी बन सकती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, प्रत्येक राशि का प्रेम जताने का तरीका अलग होता है। कुछ राशियाँ अत्यधिक भावुक और संवेदनशील होती हैं, जो अपने साथी को लेकर स्वामित्व की भावना रखती हैं, जबकि कुछ राशियाँ स्वतंत्रता और भरोसे को अधिक महत्व देती हैं। आइए जानते हैं कि कौन-सी राशियाँ सबसे अधिक अधिकार जताने वाली मानी जाती हैं और उनके पीछे क्या ज्योतिषीय कारण छिपे हैं।

रिश्तों में अधिकार भाव क्या है?

अधिकार भाव का अर्थ है — अपने साथी पर नियंत्रण या गहरी चिंता रखना। यह भावना प्रेम की गहराई से उत्पन्न होती है, लेकिन जब यह अत्यधिक बढ़ जाती है, तो यह रिश्ते में असंतुलन, ईर्ष्या और गलतफहमी पैदा कर सकती है। ज्योतिष में इस भावना का संबंध चंद्रमा (भावनाएँ), शुक्र (प्रेम) और मंगल (जुनून) ग्रहों से होता है। जब ये ग्रह किसी व्यक्ति की कुंडली में विशेष भावों में स्थित होते हैं, तो व्यक्ति अधिक अधिकार जताने वाला हो सकता है।

सबसे अधिक अधिकार जताने वाली राशियाँ

कुछ राशियाँ अपने प्रेम में पूर्ण समर्पण और गहराई दिखाती हैं। आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में जो अपने प्रियजनों को लेकर अत्यधिक संवेदनशील और स्वामित्व भाव रखने वाली मानी जाती हैं।

1. वृश्चिक राशि (Scorpio)

वृश्चिक राशि को प्रेम में सबसे तीव्र और रहस्यमयी माना जाता है। इस राशि के जातक अपने संबंधों में पूर्ण निष्ठा चाहते हैं और यदि उन्हें थोड़ी भी असुरक्षा महसूस होती है, तो वे अत्यधिक अधिकार जताने लगते हैं। इनका स्वभाव गहरा और भावनात्मक होता है। जब ये प्रेम करते हैं, तो पूरी आत्मा से जुड़ते हैं, लेकिन विश्वास टूटने पर बहुत आहत हो जाते हैं। इसलिए ये अपने साथी को हर हाल में सुरक्षित रखना चाहते हैं।

2. वृषभ राशि (Taurus)

वृषभ राशि के लोग स्थिरता और सुरक्षा को महत्व देते हैं। वे अपने रिश्तों में स्थायी और विश्वसनीय साथी की तलाश करते हैं। लेकिन जब इन्हें लगता है कि उनका संबंध खतरे में है, तो ये अपने साथी पर नियंत्रण रखने लगते हैं। यह अधिकार भावना प्रेम की गहराई से आती है, क्योंकि ये किसी को खोने का डर नहीं झेल सकते। शुक्र ग्रह की अधिपत्य वाली यह राशि प्रेम में समर्पण के साथ-साथ स्वामित्व की भावना रखती है।

3. कर्क राशि (Cancer)

कर्क राशि के जातक अत्यंत भावुक और संवेदनशील होते हैं। ये अपने रिश्तों को परिवार की तरह निभाते हैं। इनके लिए प्रेम केवल आकर्षण नहीं, बल्कि गहरी भावनात्मक बंधन है। लेकिन जब ये असुरक्षित महसूस करते हैं, तो यह अत्यधिक चिंता और अधिकार में बदल जाता है। ये अपने प्रियजनों की सुरक्षा और स्नेह में कभी-कभी अधिक नियंत्रित भी हो जाते हैं। चंद्रमा इनका स्वामी ग्रह होने के कारण, भावनाएँ इनके जीवन का केंद्र होती हैं।

4. सिंह राशि (Leo)

सिंह राशि वाले स्वभाव से आत्मविश्वासी और गर्वीले होते हैं। ये अपने रिश्तों में राजा की तरह व्यवहार करते हैं और अपने साथी को बहुत स्नेह देते हैं। लेकिन ये चाहते हैं कि उनका साथी केवल उन्हीं पर केंद्रित रहे। यदि किसी और से ध्यान बँटता है, तो इनका अहं प्रभावित होता है और अधिकार भावना उभर आती है। प्रेम में ये पूरी निष्ठा चाहते हैं और अपने साथी की वफादारी की कसौटी परखते हैं।

5. मीन राशि (Pisces)

मीन राशि के जातक प्रेम में अत्यंत समर्पित और भावनात्मक होते हैं। ये अपने साथी के सुख-दुख में डूब जाते हैं और उनका दर्द भी खुद महसूस करते हैं। लेकिन जब इन्हें अस्वीकार या दूरी का अनुभव होता है, तो ये असुरक्षित और अधिकारवादी बन सकते हैं। ये अपने प्रेम को खोने के डर से साथी के प्रति अत्यधिक भावनात्मक निर्भरता दिखाते हैं।

ज्योतिषीय दृष्टि से अधिकार भावना का कारण

अधिकार भावना का मूल कारण कुंडली में ग्रहों की स्थिति से जुड़ा होता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र आठवें भाव में हो, या चंद्रमा और मंगल का संयोजन हो, तो व्यक्ति भावनात्मक रूप से अधिक जुड़ाव रखता है। वृश्चिक, कर्क और वृषभ राशियों पर इन ग्रहों का प्रभाव गहरा होता है, जिससे व्यक्ति अपने संबंधों में गहराई और नियंत्रण दोनों चाहता है। वहीं यदि राहु या केतु इन भावों में हो, तो व्यक्ति को असुरक्षा और भ्रम की भावना बढ़ सकती है।

संतुलन कैसे बनाएं?

  • अपने साथी पर भरोसा करें और हर छोटी बात पर संदेह न करें।
  • भावनाओं को व्यक्त करें, लेकिन नियंत्रण बनाए रखें।
  • ध्यान और आत्म-विश्लेषण से असुरक्षा कम करें।
  • संबंधों में स्वतंत्रता और संवाद को महत्व दें।

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निष्कर्ष: अधिकार भावना और प्रेम का संतुलन

प्रेम में अधिकार भावना स्वाभाविक है, लेकिन यह तब सुंदर लगती है जब इसमें विश्वास और समझ शामिल हो। ज्योतिष हमें सिखाता है कि हर राशि की अपनी अलग ऊर्जा होती है — कोई प्रेम को गहराई से निभाता है तो कोई स्वतंत्रता से। अगर हम अपने और अपने साथी की राशि के गुणों को समझ लें, तो रिश्ते में संतुलन और सामंजस्य बनाए रखना आसान हो जाता है। इसलिए अपने प्रेम की दिशा को समझने के लिए Duastro की फ्री कुंडली सेवा का उपयोग करें और जानें, आपकी कुंडली में ग्रह कैसे आपके प्रेम और अधिकार को प्रभावित करते हैं। क्योंकि सही ज्ञान ही रिश्तों में सही संतुलन की कुंजी है।

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