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विवाह में ज्योतिषीय योग | ग्रहों का प्रभाव और वैवाहिक जीवन के रहस्य

विवाह में ज्योतिषीय योग | ग्रहों का प्रभाव और वैवाहिक जीवन के रहस्य

✏️ Written by Acharya Rajesh Gupta · Experience: 19 years · ★★★★★
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शादी पर ग्रहों का प्रभाव और ज्योतिषीय पहलू

शादी किसी व्यक्ति के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील चरणों में से एक है। भारतीय ज्योतिष में, ग्रहों और उनकी स्थितियों का शादी और वैवाहिक जीवन पर गहरा प्रभाव माना जाता है। ग्रहों की चाल, नक्षत्र, भाव और योग किसी व्यक्ति के विवाह की समयावधि, जीवनसाथी की प्रकृति और वैवाहिक सुख-समृद्धि को प्रभावित कर सकते हैं। इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि कौन से ग्रह और ज्योतिषीय पहलू आपके विवाह को प्रभावित करते हैं और कैसे Duastro astrology की फ्री कुंडली सेवा से आप अपने ग्रहों की स्थिति का विश्लेषण कर सकते हैं।

ग्रहों का विवाह पर प्रभाव

  • सूर्य: जीवनसाथी के साथ रिश्तों में नेतृत्व और आत्मविश्वास का प्रतीक। यदि सूर्य मजबूत है तो वैवाहिक जीवन में सम्मान और स्थायित्व मिलता है।
  • चंद्र: भावनाओं, सहानुभूति और घरेलू सुख-शांति का कारक। कमजोर चंद्र विवाह में तनाव और भावनात्मक असंतुलन ला सकता है।
  • शुक्र: प्यार, आकर्षण और रोमांस का प्रमुख ग्रह। शुक्र की स्थिति विवाह में प्रेम और स्नेहपूर्ण संबंधों को मजबूत बनाती है।
  • मंगल: ऊर्जा, साहस और विवाह में तनाव के कारक। मंगल दोष होने पर वैवाहिक विवाद और संघर्ष की संभावना बढ़ सकती है।
  • बृहस्पति: विवेक, समझदारी और वैवाहिक सुख-समृद्धि का कारक। मजबूत बृहस्पति वैवाहिक जीवन में आनंद और स्थायित्व लाता है।

ज्योतिषीय पहलू जो विवाह को प्रभावित करते हैं

सिर्फ ग्रह ही नहीं, बल्कि उनके आपसी दृष्टि (Aspects) और भावों में स्थितियाँ भी विवाह के समय और गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं।

  • सातवाँ भाव: यह भाव जीवनसाथी और विवाह से संबंधित है। मजबूत सातवाँ भाव विवाह में स्थायित्व और सुख-शांति का संकेत देता है।
  • सप्तम भाव में शनि: शनि यदि सातवें भाव में स्थित हो तो विवाह में विलंब या चुनौतियाँ आ सकती हैं।
  • मंगल-शुक्र योग: यह योग प्रेम, आकर्षण और वैवाहिक सुख में सकारात्मक प्रभाव डालता है।
  • दुर्घटना और ग्रह दोष: कुंडली में मंगल दोष, राहु-केतु का प्रभाव या अन्य दोष विवाह में तनाव, विलंब और असफलताओं का कारण बन सकते हैं।

विवाह से संबंधित उपाय

ज्योतिष में कुछ उपाय और ध्यान के तरीकों से ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है और वैवाहिक जीवन को सुखद बनाया जा सकता है।

  • शुभ मुहूर्त पर विवाह करना।
  • मंगल दोष के लिए हनुमान पूजा या उपाए करना।
  • शुक्र और बृहस्पति के सकारात्मक प्रभाव के लिए उपयुक्त दान और साधना।
  • राहु और केतु की स्थिति के लिए मंत्र जाप और विशेष पूजा।
  • सकारात्मक सोच और समझदारी के साथ जीवनसाथी का चयन।

Duastro Astrology के माध्यम से विवाह संबंधी भविष्यवाणी

यदि आप जानना चाहते हैं कि आपके ग्रह और कुंडली के कौन से पहलू आपके विवाह को प्रभावित कर रहे हैं, तो Duastro astrology की मुफ्त कुंडली सेवा सबसे बेहतर विकल्प है। यह सेवा जन्म तिथि, समय और स्थान के आधार पर विस्तृत और सटीक भविष्यवाणी प्रदान करती है।

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निष्कर्ष

शादी और वैवाहिक जीवन पर ग्रहों और ज्योतिषीय पहलुओं का गहरा प्रभाव होता है। सही जानकारी और उचित उपाय से विवाह सुखद और स्थिर बन सकता है। ग्रहों की स्थिति को जानने और सही दिशा में निर्णय लेने के लिए Duastro astrology की फ्री कुंडली का उपयोग करें। यह सेवा आपके विवाह और संबंधों के भविष्य को समझने और सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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